Role of Biochar in Organic Fertilizer Systems

जैविक उर्वरक प्रणालियों में बायोचार की भूमिका

मिट्टी को समृद्ध करने वाला काला सोना

खेती में आज सबसे बड़ी चुनौती है – मिट्टी की घटती उर्वरता। लगातार रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की ताकत कम हो रही है। ऐसे समय में जैविक खेती और उससे जुड़े नए-पुराने प्राकृतिक उपाय फिर से चर्चा में हैं।
इन्हीं उपायों में एक प्रभावशाली नाम है बायोचार (Biochar), जिसे अक्सर “मिट्टी का काला सोना” कहा जाता है।


बायोचार क्या है? (सरल भाषा में)

बायोचार एक प्रकार का कार्बन-युक्त पदार्थ है, जो:

  • फसल अवशेष
  • लकड़ी
  • गोबर
  • कृषि कचरे
    को कम ऑक्सीजन में जलाकर (पायरोलिसिस प्रक्रिया) बनाया जाता है।

यह सामान्य कोयले जैसा दिखता है, लेकिन खेती के लिए बहुत लाभकारी होता है।


जैविक उर्वरक प्रणालियों में बायोचार की जरूरत क्यों?

जैविक उर्वरकों में पोषक तत्व होते हैं, लेकिन:

  • कुछ पोषक तत्व जल्दी बह जाते हैं
  • मिट्टी की संरचना कमजोर हो सकती है

बायोचार:

  • पोषक तत्वों को पकड़कर रखता है
  • मिट्टी में लंबे समय तक टिकता है

बायोचार जैविक उर्वरकों के साथ कैसे काम करता है?

1. पोषक तत्वों को रोककर रखता है

बायोचार की संरचना छिद्रदार होती है, जिससे:

  • नाइट्रोजन, फास्फोरस जैसे तत्व मिट्टी में टिके रहते हैं
  • खाद की बर्बादी कम होती है

2. मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ाता है

बायोचार:

  • मिट्टी में नमी बनाए रखता है
  • सूखा प्रभावित क्षेत्रों में बहुत उपयोगी है

3. सूक्ष्मजीवों के लिए सुरक्षित घर

बायोचार के छोटे-छोटे छिद्र:

  • लाभकारी सूक्ष्मजीवों को रहने की जगह देते हैं
  • उनकी संख्या और गतिविधि बढ़ाते हैं

4. मिट्टी के pH को संतुलित करता है

अम्लीय मिट्टी में:

  • बायोचार pH को संतुलित करता है
  • फसल के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है

5. कार्बन भंडारण में मदद

बायोचार:

  • कार्बन को मिट्टी में लंबे समय तक बंद कर देता है
  • कार्बन न्यूट्रल खेती को बढ़ावा देता है

किन जैविक उर्वरकों के साथ बायोचार सबसे प्रभावी है?

  • गोबर की खाद
  • वर्मी कम्पोस्ट
  • कम्पोस्ट
  • जीवामृत
  • हरी खाद

बायोचार को पहले इन खादों में मिलाकर प्रयोग करना अधिक लाभकारी होता है।


बायोचार का सही उपयोग कैसे करें?

🌱 खेत की तैयारी में

  • 100–200 किलो बायोचार प्रति एकड़
  • कम्पोस्ट के साथ मिलाकर डालें

🌿 नर्सरी और पौध रोपण में

  • गड्ढों में थोड़ी मात्रा मिलाएँ

🌾 सूखा प्रभावित खेतों में

  • मल्चिंग के साथ उपयोग करें

किसानों को मिलने वाले फायदे

  • मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है
  • खाद की जरूरत कम होती है
  • पानी की बचत होती है
  • फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है

छोटे किसानों के लिए विशेष लाभ

  • फसल अवशेषों से घर पर बनाया जा सकता है
  • कम लागत में स्थायी समाधान
  • मिट्टी सुधार का दीर्घकालिक असर

सावधानियाँ

  • कच्चा बायोचार सीधे खेत में न डालें
  • पहले कम्पोस्ट या गोबर की खाद में मिलाएँ
  • अधिक मात्रा से बचें

भविष्य में बायोचार की भूमिका

आने वाले समय में:

  • बायोचार जैविक खेती का अहम हिस्सा बनेगा
  • जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद करेगा
  • टिकाऊ खेती की नींव मजबूत करेगा

निष्कर्ष

बायोचार जैविक उर्वरक प्रणालियों में सहायक नहीं, बल्कि शक्तिशाली भागीदार है।
यह मिट्टी को पोषण देने के साथ-साथ उसे लंबे समय तक उपजाऊ बनाए रखता है।
अगर किसान जैविक खाद के साथ बायोचार का सही उपयोग करें, तो मिट्टी, फसल और पर्यावरण – तीनों को फायदा होता है 🌱⚫