ऑर्गेनिक फार्मिंग में गोबर और पंचगव्य की भूमिका
भारत में सदियों से खेती और गाय का गहरा संबंध रहा है। गाय का गोबर और गोमूत्र खेती के लिए बेहद उपयोगी माने जाते हैं। आज जब किसान फिर से ऑर्गेनिक फार्मिंग (Jaivik Kheti) की ओर लौट रहे हैं, तो गोबर और पंचगव्य (Panchagavya) का महत्व और भी बढ़ गया है। यह न केवल फसलों को प्राकृतिक पोषण देते हैं, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और फसल की गुणवत्ता को भी सुधारते हैं।
✅ 1. गोबर (Cow Dung) की भूमिका
गाय का गोबर खेती के लिए सबसे बहुमूल्य जैविक खाद है।
मुख्य फायदे:
- जैविक खाद: गोबर से बनी खाद (Farmyard Manure, FYM) मिट्टी की संरचना सुधारती है।
- वर्मी कम्पोस्ट: गोबर केंचुओं के लिए उत्तम भोजन है, जिससे बेहतरीन वर्मी कम्पोस्ट तैयार होता है।
- सूक्ष्मजीवों की वृद्धि: गोबर मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाता है।
- मिट्टी की नमी बनाए रखना: गोबर की खाद मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ाती है।
👉 किसान गोबर का उपयोग सीधे खेतों में या कंपोस्ट और वर्मी कम्पोस्ट के रूप में कर सकते हैं।
✅ 2. पंचगव्य (Panchagavya) क्या है?
पंचगव्य का अर्थ है “गाय से प्राप्त पाँच उत्पादों का मिश्रण”।
ये पाँच उत्पाद हैं:
- गोबर
- गोमूत्र
- दूध
- दही
- घी
इनका सही अनुपात में मिश्रण करके एक तरल घोल तैयार किया जाता है, जिसे पंचगव्य कहते हैं।
✅ पंचगव्य बनाने की विधि (संक्षेप में)
सामग्री (200 लीटर के लिए):
- ताजा गोबर – 5 किलो
- गोमूत्र – 3 लीटर
- दूध – 2 लीटर
- दही – 2 लीटर
- घी – 1 किलो
- गुड़ – 3 किलो
- नारियल पानी – 3 लीटर
- पके केले – 12
- पानी – 200 लीटर
प्रक्रिया:
- एक बड़े ड्रम में सभी सामग्री मिलाएँ।
- इसे 15–20 दिन छायादार जगह पर ढककर रखें।
- रोज़ाना सुबह-शाम लकड़ी के डंडे से हिलाएँ।
- 20 दिन बाद पंचगव्य उपयोग के लिए तैयार हो जाता है।
✅ पंचगव्य के फायदे
✔ पौधों की वृद्धि और उत्पादन बढ़ाता है
✔ बीजों की अंकुरण क्षमता बढ़ाता है
✔ प्राकृतिक रूप से कीट और रोग नियंत्रण करता है
✔ मिट्टी की जैविक गतिविधियों (Microbial Activity) को बढ़ाता है
✔ पूरी तरह प्राकृतिक और पर्यावरण–अनुकूल
✅ किसानों के लिए उपयोग
- बीज उपचार: बीज बोने से पहले बीजों को पंचगव्य घोल में डुबोकर सुखाएँ।
- पौधों पर छिड़काव: फसल की वृद्धि के दौरान 3% घोल का छिड़काव करें।
- मिट्टी में प्रयोग: सिंचाई के पानी के साथ मिलाकर खेत में डाल सकते हैं।
✅ निष्कर्ष
गोबर और पंचगव्य ऑर्गेनिक फार्मिंग के दो स्तंभ हैं। ये मिट्टी को जीवन देते हैं, पौधों को प्राकृतिक पोषण प्रदान करते हैं और फसलों को रोगों से सुरक्षित रखते हैं। यदि किसान इनका नियमित उपयोग करें, तो वे बिना रसायनिक खाद और कीटनाशक के भी बेहतर उपज और उच्च गुणवत्ता वाली फसलें प्राप्त कर सकते हैं।
