ऑर्गेनिक खाद और जलवायु–सहिष्णु कृषि (Climate-Resilient Agriculture)
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) आज कृषि के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।
अनियमित वर्षा, लंबे सूखे, अचानक बाढ़, बढ़ता तापमान और मिट्टी की गिरती उर्वरता—इन सबका सीधा असर किसानों की पैदावार और आय पर पड़ता है।
ऐसे समय में ऑर्गेनिक खाद (Organic Fertilizers) आधारित खेती एक ऐसी प्रणाली बनकर उभर रही है जो खेती को जलवायु–सहिष्णु (Climate-Resilient) बनाती है।
इस लेख में हम समझेंगे कि ऑर्गेनिक खाद किस तरह बदलते मौसम में खेती को सुरक्षित, टिकाऊ और लाभकारी बनाती है।
🌍 1. Climate-Resilient Agriculture क्या है?
Climate-Resilient Agriculture वह खेती प्रणाली है जो:
✔ मौसम के झटकों को सहन कर सके
✔ फसल नुकसान को कम करे
✔ मिट्टी, पानी और जैव विविधता को सुरक्षित रखे
✔ लंबे समय तक स्थिर उत्पादन दे
ऑर्गेनिक खाद इस प्रणाली का मुख्य आधार है।
🌱 2. ऑर्गेनिक खाद मिट्टी को कैसे मजबूत बनाती है?
🟢 (A) मिट्टी में कार्बन बढ़ाना
गोबर खाद, कंपोस्ट और वर्मी कम्पोस्ट मिट्टी में जैविक कार्बन (Soil Organic Carbon) बढ़ाते हैं।
इससे मिट्टी:
- भुरभुरी बनती है
- पानी को ज्यादा देर तक रोक पाती है
- तापमान के झटकों को सहन करती है
यही मिट्टी जलवायु परिवर्तन के समय फसलों को बचाती है।
🟢 (B) नमी संरक्षण और सूखा सहनशीलता
ऑर्गेनिक खाद से बनी मिट्टी:
✔ बारिश के पानी को अधिक समय तक रोकती है
✔ सूखे में भी पौधों को नमी उपलब्ध कराती है
इससे फसलें कम सिंचाई में भी जीवित रहती हैं, जो जलवायु-सहिष्णु खेती का बड़ा लाभ है।
🌾 3. अत्यधिक वर्षा और बाढ़ से सुरक्षा
रासायनिक खेती की मिट्टी सख्त हो जाती है, जिससे पानी बहकर नुकसान करता है।
वहीं ऑर्गेनिक खाद से बनी मिट्टी:
✔ पानी को धीरे-धीरे सोखती है
✔ जलभराव कम करती है
✔ जड़ों को सड़ने से बचाती है
इससे बाढ़ या भारी बारिश के समय भी फसलें सुरक्षित रहती हैं।
🌿 4. फसलों की रोग और कीट प्रतिरोधक क्षमता
ऑर्गेनिक खाद मिट्टी में:
- लाभकारी सूक्ष्मजीव
- माइकोराइज़ा
- बैक्टीरिया और फंगस
को बढ़ाती है।
ये सूक्ष्मजीव पौधों की प्राकृतिक रोग–प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, जिससे बदलते मौसम में रोग कम लगते हैं।
🌎 5. ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी
रासायनिक उर्वरक:
✖ नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O) जैसी गैसें छोड़ते हैं
✖ ग्लोबल वार्मिंग बढ़ाते हैं
ऑर्गेनिक खाद:
✔ कार्बन को मिट्टी में बांधती है (Carbon Sequestration)
✔ ग्रीनहाउस गैसों को कम करती है
इस तरह ऑर्गेनिक खेती जलवायु समाधान का हिस्सा बनती है।
🌾 6. जलवायु–अनुकूल फसल उत्पादन
ऑर्गेनिक खाद के साथ उगाई गई फसलें:
- तापमान के उतार-चढ़ाव को बेहतर सहन करती हैं
- सूखा और लू (Heat Stress) में कम प्रभावित होती हैं
- फसल का गिरना (Lodging) कम होता है
इससे उत्पादन स्थिर रहता है, चाहे मौसम कैसा भी हो।
🌱 7. छोटे किसानों के लिए सुरक्षा कवच
जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर छोटे और सीमांत किसानों पर पड़ता है।
ऑर्गेनिक खाद:
✔ लागत कम करती है
✔ बाहरी इनपुट पर निर्भरता घटाती है
✔ स्थानीय संसाधनों से खेती संभव बनाती है
यह किसानों को आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों स्तर पर सुरक्षित बनाती है।
🌿 8. ऑर्गेनिक खाद + अन्य जलवायु–स्मार्ट उपाय
ऑर्गेनिक खाद तब और प्रभावी होती है जब इसे इन तरीकों के साथ अपनाया जाए:
- हरी खाद (Green Manure)
- मल्चिंग
- फसल चक्र
- मिश्रित खेती
- वर्षा जल संचयन
ये सभी मिलकर खेती को पूरी तरह Climate-Resilient System बनाते हैं।
⭐ निष्कर्ष (Conclusion)
जलवायु परिवर्तन के इस दौर में केवल अधिक उत्पादन पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है।
जरूरी है ऐसी खेती जो:
🌱 मौसम के झटकों को झेल सके
🌱 मिट्टी और पानी को बचाए
🌱 किसान की आय सुरक्षित रखे
🌱 पर्यावरण की रक्षा करे
ऑर्गेनिक खाद आधारित खेती यही सब संभव बनाती है।
यह न सिर्फ खेती को जलवायु-सहिष्णु बनाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ कृषि भविष्य भी सुनिश्चित करती है।
🌍 “ऑर्गेनिक खाद – बदलते मौसम में खेती का सबसे मजबूत सहारा।”
